सोनितपुर असम : सोनितपुर जिला के मिसामारी क्षेत्र में मुस्लिम कम्युनिटी में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 3 स्थानों पर चली सेवाओं की रिपोर्ट1. गुरुबंधा दर्जीपट्टी मस्जिद में जुम्मा की नमाज अदा करने के पश्चात 200 मुस्लिम भाइयों और बच्चों के लिए मस्जिद के प्रांगण में । https://drive.google.com/drive/folders/1A_85FLso2l-ysX0rOj1VjbbWTFeesQ93?usp=sharing
2. दारुल उलूम आहले सुन्नत फैजान ई मदीना मदरसा के 80 विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के लिए प्रिंसिपल सहमत अली जी की देखरेख में संपन्न हुआ । https://drive.google.com/drive/folders/19sfhEWbnOfIJKgBvhKQGaf9qS_RkWk9A?usp=sharing
3. ठेकराज जूली मदरसा के 100 बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए मफिजुद्दीन अहमद इमाम जी की देखरेख में संपन्न ।हुआ https://drive.google.com/drive/folders/1tJ0t0qLMyTQsvzgF8JFyeN7C1JMXFsoS?usp=sharingइन कार्यक्रमों के दौरान बी के राजीव ने सभी को नशीले पदार्थों के सेवन द्वारा होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बीमारियों से अवगत कराते हुए स्वयं की असीम सुषुप्त शक्तियों की ओर ध्यान खिंचवाया एवं राजयोग का अभ्यास करवाते हुए इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में सामूहिक प्रतिज्ञा भी करवाई। उन्होंने आगे बताया कि यदि एक सच्चा मुसलमान जिस दिन रोज़ा रखता है तो किसी भी खाद्य पदार्थ आदि का सेवन नहीं करता वैसे ही अगर एक व्यसनी सुबह उठते ही खुदा को उसकी सबसे बड़ी नेमत इस शरीर के प्रति शुक्रिया अदा करें और उसके सामने अपना शुद्ध संकल्प रखें कि आज के दिन इस जहरीले पदार्थ का मैं सेवन नहीं करूंगा अर्थात आज मेरा गुटखा व किसी भी नशीले ज़हरीले पदार्थ का रोज़ा है तो वह निश्चित ही अपने नेक बंदे की मदद में उसके मन को इतना सशक्त बना देगा कि वह उस दिन खुद को इस ज़हर से मुक्त रखने में सफल होगा। अतः यदि वह प्रतिदिन सुबह उठते हुए खुदा के सम्मुख यह संकल्प रखें तो निश्चित ही उसके कैसे भी बुरे व्यसन से सर्वशक्तिमान ईश्वर उसे मुक्ति दिला सकता है। तत्पश्चात सभी से आग्रह किया कि कोई भी मात-पिता जब अपने बच्चों को इन जहरीले तत्वों से बचाना चाहता है तो उसकी शुरुआत पहले स्वयं से करें क्योंकि बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं। अंत में उपस्थित स्थानीय लोगों ने आवाम से खुद को इस बुराई से बचने के लिए अपील करते हुए ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए सभी को अपने बच्चों को इन नशीले पदार्थों से बचाने की अभिलाषा जताई।





