मुंबई- घाटकोपर,महाराष्ट्र: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ योग भवन, मुंबई – घाटकोपर सबज़ोन द्वारा ब्रह्माकुमारीज़ पीस पार्क में “नारी सम्मान – पहचान आत्मबल की” विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आध्यात्मिकता तथा आंतरिक सशक्तिकरण का संदेश आत्मसात किया।
कार्यक्रम में स्वागत सत्र के पश्चात “आत्मा के सात गुणों” पर आधारित एक रोचक गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से सभी ने शांति, प्रेम, सुख और शक्ति के सकारात्मक स्पंदनों को विश्व भर में फैलाने का अनुभव किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी विष्णुप्रिया ने प्रेरणादायी उद्बोधन देते हुए महिलाओं को निर्भीक, सम्मानपूर्ण और आत्मबल से भरपूर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आत्मा, उसकी शक्तियों तथा परमपिता परमात्मा के बारे में सरल और प्रभावशाली ढंग से समझाया। साथ ही उन्होंने राजयोग ध्यान का अभ्यास कराते हुए विश्व के युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के लिए शांति के शक्तिशाली संकल्प भेजे।
कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिभागियों ने कविता, गीत और नृत्य के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति की। अनेक बहनों ने इस आध्यात्मिक संगम से प्राप्त अपने प्रेरणादायी अनुभव भी साझा किए। विभिन्न महिला संगठनों से कई विशिष्ट महिला अतिथियों ने भी अपने समूहों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
महिला दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ योग भवन में AI-AR टेक्नोलॉजी से बनी फिल्म “जननी – द स्टोरी शी रोट” का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। इस फिल्म ने महिलाओं की मौन शक्ति, त्याग और सृजनशीलता को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों के हृदय को स्पर्श किया और उन्हें मातृत्व तथा नारीत्व की दिव्य भूमिका का सम्मान करने की प्रेरणा दी।
इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ घाटकोपर सबज़ोन की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शकू दीदी जी ने भी महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जब एक नारी अपनी वास्तविक आध्यात्मिक पहचान – आत्मा – को पहचानती है, तब उसके भीतर साहस, करुणा और ज्ञान की शक्तियाँ स्वतः जागृत हो जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आध्यात्मिक रूप से जागरूक नारी पूरे परिवार और समाज के लिए शक्ति और सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनती है।
मरांथा अनाथालय की बालिकाओं की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। उनके उत्साहपूर्ण सहभाग ने यह संदेश दिया कि हर बालिका के भीतर साहस, आत्मविश्वास और गरिमा के साथ आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं छिपी होती हैं।
कार्यक्रमों का समापन ईश्वरीय प्रसाद और उपहार वितरण के साथ हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी बहनों के भीतर आत्मसम्मान, आंतरिक शक्ति और आध्यात्मिक सशक्तिकरण की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।









