राजयोग जीवन जीने की सर्वश्रेष्ठ कला है ब्रह्माकुमारी चंद्रिका दीदी
इंदौर,मध्य प्रदेश। आज जीवन में प्रेम शांति सद्भावना की कमी से मनभेद और मतभेद बढ़ने लगे हैं, जिसके कारण पारिवारिक संबंधों में मनमुटाव, लड़ाई ,झगड़ा , घृणा, नफरत, संबंधों में विच्छेद बढ़ता जा रहा है जिससे मानसिक तनाव एक गहन चिंता का विषय है। उक्त विचार ब्रह्माकुमारीज कला एवं संस्कृति प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्षा राजयोगिनी चंद्रिका दीदी ने ज्ञान शिखर ओम शांति भवन में आयोजित कलाकार सम्मान समारोह में उच्चारे ।

आगे आपने कहा कि हम एक दूसरे को स्मृति दिलाए कि हम कितने महान भारत देश के निवासी है ।हमारी भारतीय संस्कृति और सभ्यता कितनी महान थी, लेकिन आज के बच्चों, युवाओं की दशा देखकर लगता है कि अब दिशा बदलने की जरूरत है ।आपने खुशखबरी सुनाते हुए कहा कि वर्तमान समय गीता में वर्णित वही धर्मग्लानि का समय है जब स्वयं परम कलाकार परमात्मा पिता धरा पर आकर राजयोग की शिक्षा दे रहे हैं। जिससे हम स्वयं के राजा बनकर श्रेष्ठ विचारों से दिव्य संस्कार बनाकर पुनः स्वर्णिम भारत बना सकते हैं ।अतः राजयोग जीवन जीने की सर्वश्रेष्ठ कला है।

इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री मध्य प्रदेश शासन के कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कला भी साधना है , जिससे ईश्वर की अनुभूति होती है। बिना साधना के कलाकार नहीं बन सकते ।जब कला के अंदर प्रेम समाहित हो जाता है ,तो कला बहुत उच्च कोटि की हो जाती है। आप इंदौर के सभी कलाकार बहुत भाग्यशाली है जो ऐसी पवित्र संस्था में पवित्र बहनों के द्वारा सम्मानित हो रहे हैं ।
इंदौर जोन की क्षेत्रीय निर्देशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे भारत की प्राचीन संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम सर्वे भवंतु सुखिन: की श्रेष्ठ भावना की रही है, इस श्रेष्ठ भावना से प्रेम शांति सद्भावना स्वत: आ जाती है । कला और आध्यात्मिकता का जुड़ाव ही जीवन में नैतिक मूल्य सदाचार, सद्भावना ले आता है।
माउंट आबू से पधारे कला एवं संस्कृति प्रभाग के मुख्यालय संयोजक ब्रह्माकुमार सतीश भाई जी ने कहा कि कला वही जो सबका भला करें ,सबको साथ लेकर चलना सिखाए। आज प्रभु परम कलाकार ने इन ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा कला अर्थात आने वाले समय को श्रेष्ठ पावन संसार का आकार दे रहे हैं। आप सबको भी इस अभियान से जुड़ने के लिए यहां आमंत्रित किया है।
कला एवं संस्कृति प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजिका ब्रह्माकुमारी करुणा दीदी ने योग की गहन अनुभूति कराई ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया । जिसमें सांसद शंकर लालवानी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संचालन साईनाथ सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने किया ।
कार्यक्रम में आकाशवाणी के ए ग्रेड ड्रामा आर्टिस्ट संतोष जोशी, प्रसिद्ध पियानो वादक मृणाल व्यास, रंगकर्मी सुशील जौहरी ,साहित्यकार हरे राम बाजपेई, सुप्रसिद्ध नृत्यांगना रागिनी मक्खर , माउंट आबू से पधारे सुप्रसिद्ध गायक ब्रह्माकुमार सतीश भाई, ब्रह्माकुमार भानु भाई तथा मिमिक्री कलाकार ब्रह्माकुमार नितिन भाई सहित 60 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का दुपट्टा मोमेंटो एवं ईश्वरीय प्रसाद देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में इंदौर के लगभग अलग-अलग विधाओं के 350 कलाकार उपस्थित रहे जिसमें शक्ति निकेतन की कुमारियों द्वारा बहुत सुंदर शिक्षाप्रद सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।








