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फरीदाबाद: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तिरस में डूबा फरीदाबाद, 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक आनंद

फरीदाबाद,हरियाणा। सेक्टर-35 स्थित ब्रह्माकुमारीज राजयोग मेडिटेशन सेंटर में सेवा केंद्र प्रभारी बीके सपना दीदी के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन श्रद्धा, उल्लास और भक्तिरस के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 3000 से अधिक श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरा परिसर श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, आध्यात्मिक संदेशों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अनुप्राणित नजर आया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजेश नागर जी, माननीय राज्य मंत्री, हरियाणा सरकार, उमेश भाटी, चेयरमैन, पर्यावरण, जल, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग, संजय सिंह, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर, सेंट्रल लाइसेंसिंग एंड एनफोर्समेंट सेल (MCD), मिस मिली सिंह, डायरेक्टर, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, फरीदाबाद, ठाकुर सुरेश सिंह चौधरी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय राजपूत परिषद, देवेंद्र सिंह राणा, उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय राजपूत परिषद तथा एस.एम. मिश्रा, डायरेक्टर, YSM Food and Biotech Pvt. Ltd. सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा बढ़ाई।

प्रसिद्ध गायिका राधा सिंह की मधुर एवं भावपूर्ण गायकी ने वातावरण को कृष्णमय बना दिया। भक्ति गीतों की स्वर-लहरियों के बीच उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर दिखाई दिए। वहीं विश्व प्रसिद्ध जादूगर एवं इंडियाज गॉट टैलेंट विजेता डॉ. सी.पी. यादव ने अपने अद्भुत जादुई करतबों से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। चेतन झकिया के निर्देशन में मां दुर्गा, काली, लक्ष्मी एवं सरस्वती की मनोहारी झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों के माध्यम से भारतीय सनातन संस्कृति, नारी शक्ति और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर संदेश प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर बीके सपना दीदी ने श्रीकृष्ण के जीवन एवं चरित्र से प्रेरणा लेते हुए कहा कि सच्ची जन्माष्टमी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपने जीवन में दिव्य गुणों, पवित्रता, प्रेम, करुणा और आत्मिक शक्ति को धारण करने का पर्व है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत, बुद्धि को निर्मल और जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक वातावरण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आनंद लिया और दिव्य संस्कारों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

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