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मथुरा: ब्रह्माकुमारी सेंटर पर सजी नवदुर्गा की चैतन्य झांकियां, भजन- संगीत के अलौकिक आनंद में डूबे श्रोतागण 

– रिफाइनरी सेवा केंद्र पर सजी सजीव शिवशक्ति स्वरूपा राजयोगी कन्याओं की झांकी

– ⁠सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बी के कृष्णा दीदी ने समझाया नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य

– ⁠देवी गीतो और भजनों की संगीतमई प्रस्तुति में झूमे श्रोतागण

-नारी शक्ति के सम्मान और आध्यात्मिक जागृति का दिया दिव्य संदेश

मथुरा,उत्तर प्रदेश। नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र ओम शांति भवन,रिफाइनरी नगर पर नवदुर्गा की चैतन्य झांकियों का भव्य एवं आकर्षक आयोजन किया गया। सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कृष्णा दीदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की सजीव प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चैतन्य देवियों की अलौकिक दिव्यता,पवित्रता,एकाग्रता, स्थिरता, अनुशासन एवं अस्त्र शस्त्रों के साथ मनमोहक सज्जा विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का अभिनय सेवाकेन्द्र पर नियमित राजयोग का अभ्यास करने वाली ,सम्पूर्ण सात्विक आहार,विचार वाली पवित्र और योगी कन्याओं बीके पूजा, बीके गौरी, अंजलि, वंदना, तमन्ना, रिया ,शिवदेवी, और किरण बहन ने किया। मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप में राजयोगिनी बीके कृष्णा दीदी की गरिमामयी प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं दिव्यता से परिपूर्ण कर दिया. सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके कृष्णा दीदी ने बताया कि झांकियों के माध्यम से दर्शाया गया है कि जब भी धरती पर आसुरी शक्तियों का अत्याचार बढ़ता है,तब परमपिता परमात्मा शिव अपनी योग और ज्ञान की शक्ति से अबला समझी जाने वाली नारी को , आध्यात्मिक जागरण द्वारा शिवशक्ति के रूप में स्थापित कर, उन आसुरी शक्तियों का विनाश करते है.वर्तमान नैतिक और सामाजिक मूल्यों के पतन का दृश्य अज्ञान रूपी रात का द्योतक है, इसी विकट घड़ी में परमपिता परमात्मा शिव राजयोग के दिव्य ज्ञान द्वारा शिवशक्तियों का सृजन कर, समाज में व्याप्त आसुरी संस्कारों और वृतियों का दमन कर रहे है.

उन्होंने नवरात्रि के वास्तविक आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि देवी पूजन का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करना ही नहीं, बल्कि देवी स्वरूपों के गुणों को अपने जीवन में धारण करना भी है। उन्होंने संदेश दिया कि नवरात्रि में कन्या पूजन के साथ-साथ सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में भी बेटियों और महिलाओं को उचित सम्मान, समान अवसर एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करना आवश्यक है। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ की भावना को जीवन में अपनाकर ही एक श्रेष्ठ एवं संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन बीके मनोज भाई ने किया। इस अवसर पर बीके आलोक भाई, बीके उमेश भाई एवं बीके कमल भाई ने सुंदर आध्यात्मिक गीतों और भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां देकर वातावरण को ईश्वरीय याद और प्रेम से सराबोर कर दिया.

आयोजन में मथुरा रिफाइनरी के अधिकारी गण, वृंदा क्लब के कार्यकारी सदस्य, वरिष्ठ अध्यापक गण, चिकित्सक, समाजसेवी और सुदूर ग्रामीण अंचलों से पधारे भाई बहनो की सहभागिता रही.आयोजन को सफल बनाने में बी के सौरभ, मनोहर, मैना ,राजेन्द्र ,भावना, पूनम, दामोदर, खुशी, पिंकी, सुखवीर और हीरो बहन आदि का विशेष सहयोग रहा.

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