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बिलासपुर : काशी के संतों ने शिव अनुराग भवन में किए सहस्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन; मंजू दीदी ने दिया ज्योतिस्वरूप परमात्मा शिव का संदेश

काशी के संतों ने शिव अनुराग भवन में किए सहस्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन; मंजू दीदी से लिया ज्योतिस्वरूप परमात्मा शिव का संदेश

जगन्नाथपुरी से काशी की यात्रा के दौरान शिव अनुराग भवन में हरिद्वार के त्यागी बाबा सहित संतों ने राजयोग मेडिटेशन का किया अभ्यास

बिलासपुर-राज किशोर नगर,छत्तीसगढ़। जगन्नाथपुरी से काशी की यात्रा के दौरान हरिद्वार के त्यागी बाबा सहित पंचदशनाम जूना अखाड़ा, पिलीकोठी के रमणगिरि महाराज, बलवंतगिरि महाराज एवं अन्य साधु-संत राज किशोर नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के शिव अनुराग भवन में रुके। इस अवसर पर संतों ने सेवाकेंद्र में निर्मित सहस्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी एवं बहनों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

मंजू दीदी ने दिया परमात्मा शिव का परिचय
संतों से आध्यात्मिक चर्चा के दौरान ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने सभी को ज्योतिस्वरूप परमपिता परमात्मा शिव का परिचय दिया। उन्होंने समझाया कि परमात्मा शिव निराकार ज्योतिर्बिंदु स्वरूप हैं तथा समस्त आत्माओं के परमपिता हैं। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से संबंध जोड़कर शांति, शक्ति और पवित्रता की अनुभूति की जा सकती है। दीदी ने संतों को कुछ समय राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया। उन्होंने आत्मिक स्वरूप में स्थित होकर परमात्मा शिव का स्मरण करने की विधि समझाई तथा मन को एकाग्र कर आंतरिक शांति का अनुभव करने का संदेश दिया।

सहस्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सराहा आध्यात्मिक वातावरण
शिव अनुराग भवन में निर्मित सहस्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन संतों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। संतों ने ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए और सेवाकेंद्र की आध्यात्मिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों की सेवाभावना एवं आध्यात्मिक प्रयासों के बीच आत्मीय संवाद हुआ। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने संतों को परमात्मा शिव का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। संतों ने मंजू दीदी, शरद बल्हाल जी, संदीप भाई, ममता बहन तथा उपस्थित अन्य भाई-बहनों को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, ईश्वरीय सेवाओं में सफलता, सदा आनंद व खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान किया।

जगन्नाथपुरी से काशी की यात्रा के दौरान शिव अनुराग भवन में हुआ यह पड़ाव आध्यात्मिक विचारों के आदान-प्रदान, राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास और आपसी स्नेह का यादगार अवसर बना।

Photo & Video Drive Link – https://drive.google.com/drive/folders/1L-2s6HHtW5fb1Sa_ncUie7llOCW5J7j5?usp=sharing–

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