मन में व्यर्थ संकल्प आने न दें

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दिल का, मन का एक बार डायलॉग चला था – दिल है शरीर का भाग, मन है आत्मा का। दिल और मन- मन चाहता है मैं बाबा को याद करूं। दिल में कोई बात बैठी है, कुछ पिंच हुआ है तो अन्दर से पुरानी बात दिल से भुली नहीं है। मनमनाभव: नहीं हो सकते। तो दिल चाहता है मैं बाबा को याद करूँ बाकी सबसे वैराग्य। परन्तु मन अपनी चंचलता छोड़ता नहीं है। मन को हज़ार आंखें हैं, दूर-दूर देखता है। आँखें यहाँ खुली हैं मन और कहीं देख रहा है। लेकिन दिल साफ हो, दिल में लगन ऐसी हो जो मन हमारे हाथ में हो। जब चाहूं- शांत हो जाऊं। व्यर्थ सोचने की कोई आवश्यकता नहीं है। कई अपने लिए भी व्यर्थ सोचते हैं। व्यर्थ न सोचें, राइट सोचें। दिल में कोई भी बात हो तो उसे भुला दें। दिल में रखेंगे तो वह नुकसान करती रहेगी। ड्रामा का ज्ञान अच्छा मिला हुआ है कोई ने धोखा दिया, कुछ किया उसे भुला दें। किसी ने कुछ कहा या हुआ भी तो चलो पास्ट का हिसाब था या प्रेज़ेन्ट इसने बोलकर सावधान किया। आगे के लिए खबरदार, होशियार रहेंगे। भोले-भाले नहीं रहेंगे। सम्बन्ध में आते हुए न्यारे-प्यारे रहेंगे, बैलेन्स रखेंगे। जो बात सामने आती है- सिखाने के लिए आती है। हर आत्मा का पार्ट है। जो हुआ अच्छा हुआ। सोचते हैं तो कर्मबन्धन बढ़ाते हैं। पुराने सम्बन्धियों के लिए तो सोचना बंद कर दिया लेकिन अभी यहाँ किसी के प्रति लगाव-झुकाव शुरू हुआ, सोचने व बोलने में आया तो कर्मबन्धन शुरू हुआ। इसमें खबरदार रहो।
लम्बी खजूर है ऊपर जा रहे हैं, सावधानी है। कोई बहुत कोमल दिल वाले हैं, कोई कठोर दिल वाले हैं, यह दोनों नुकसानकारक हैं। कोमल दिल वाले रहम वश लगाव में जायेंगे कठोर दिल वाले किसी को माफ नहीं करेंगे। न कठोर बनना, न कोमल बनना। रहमदिल हो, लेकिन कोमल दिल न हो। मजबूत हों, कठोर न हों। ज्ञान से ऐसी स्थिति बना दें। फिर सब ठीक हो जायेगा। मन्सा सेवा करनी है तो मन में व्यर्थ संकल्प आने न दें क्या होगा, कैसे होगा, नहीं। मेरा मन, वृत्ति इतने साफ हों जो बाबा के पास रहूँ और अनेक आत्मायें भी बाबा के पास का अनुभव करें- इससे मायाजीत बनने की शक्ति मिलती है। साथ का अनुभव बहुत काम करता है। हम सदा बाबा के साथ रहें और दूसरे बाबा के पास आयें, दूर होने के कारण बुद्धि भटकती है, पास होने से बुद्धि शांत रहती है। तो हर्षित रहने के लिए ज्ञान,योग,धारणा तीनों अच्छी तरह से मेरे पास हों। ज्ञान हो योग कम हो, योग हो धारणा में कमी हो तो हर्षित नहीं रह सकते।

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