वड़ोदरा-अटलादरा, गुजरात: ब्रह्माकुमारीज और एजुकेशन स्टडी हब के सयुक्त प्रयास से जागरूक शिक्षकों से प्रबुद्ध पीढ़ियों के निर्माण विषय के साथ शिक्षकों का सम्मान एवं दिवाली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में आगामी वर्ष में विद्यार्थियों की उन्नति की नई योजनाओं और रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया। साथ में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अनेक शिक्षकों को मोमेंटो, मेडल और सर्टिफिकेट के द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से एजुकेशन स्टडी हब के ऑनर – तुषार शुक्ला, टुडे न्यूज़ के स्पेसियल कोर्डिनेटर – दीपक शाह, उडान लिटल चेंप के ट्रस्टी – सुनील सिंधी , मोटिवेशनल स्पीकर – कौशिक व्यास ,प्रथम कॉमर्सियल एकेडमी के ऑनर – विपुल जोशी,काउंसिलर – विपेन नागर,वेद इन्टरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल – उपिन्दर कोर उपस्थित रहे।
सेवाकेंद्र प्रभारी बीके डॉ अरुणा बहन जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की शिक्षा के साथ मूल्यों का ज्ञान न होने के कारण छात्र आज करियर में आगे बढ़कर भी एक दूसरे के साथ संबंध निभाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं एक दूसरे से खुशी की अपेक्षा रखते हैं लेकिन एक दूसरे को खुशी देना कैसे हैं यह भूल चुके हैं इसीलिए संबंधों में तनाव और बिखराव बढ़ता जा रहा है। राजयोग द्वारा परमात्मा से मन को जोड़ने से मन की आंतरिक भरपूरता बढ़ने लगती है और हम देना सीखते हैं जिससे जीवन में खुशी और संतुलन आ जाता है। फिर उन्होंने सभी शिक्षकों से राजयोग कोर्स करने का विशेष आग्रह किया और दो मिनट कॉमेंट्री के माध्यम से सभी को गहन शांति की अनुभूति कराई।
बीके विपिन भाई ने शिक्षा के क्षेत्र में पढ़ाई के अतिरिक्त जीवन में सशक्त बनने की वैचारिक और मूल्यनिष्ठ शिक्षाओं को सम्मिलित करने पर जोर दिया जिससे शिक्षा का स्तर केवल आजीविका के साधन जुटाना तक सीमित ना रहे लेकिन शिक्षा जीवन जीने की कला के रूप में छात्रों को सिखाई जाए और उन्हें जीवन एवं देश के लिए तैयार करें और साथ में वह शिक्षा को अपने मानसिक व आंतरिक विकास के माध्यम के रूप में समझ ना कि उसे तनाव या चिंता का विषय बनाकर अवसाद में जाएं। इसके लिए शिक्षक स्वयं भी आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग प्रशिक्षण के द्वारा खुद को ऐसी शिक्षा पद्धति के लिए तैयार करें।
तुषार शुक्ला जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां आकर हमें शिक्षा के साथ आध्यात्मिक विचारधारा के समावेश की एक नई प्रेरणा मिली जिसके द्वारा हम विद्यार्थियों में मानसिक स्थिरता और सकारात्मकता भी विकसित कर सकते हैं।
दीपक शाह जी ने कहा की निश्चित रूप में हमें शिक्षा के प्रति अपना दृष्टिकोण और व्यापक बनाने की जरूरत है जिसमें हम छात्रों को हर प्रकार की परिस्थिति और जिम्मेदारियों के लिए तैयार कर सकें और उनका पूर्ण विकास कर सकें।
सभी मंचस्थ महानुभावो ने अपनी शुभकामनाए दी । अंत में सभी ने ब्रह्माभोजन स्वीकार किया और कार्यक्रम पूर्ण हुआ।
Photos & Videos Link https://drive.google.com/drive/folders/1UvYgqm8uyf_L_6vOQVhHilFWu-rGrMqS?usp=sharing



