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जबलपुर: मीडिया कर्मियों हेतु ‘मूल्यनिष्ठ मीडिया : समय की आवश्यकता’ विषय पर सेमिनार आयोजित

लोकमंगल की भावना से युक्त पत्रकारिता वर्तमान समय की आवश्यकता – प्रो. (डॉ.) मानसिंह परमार

समाचार लिखना पत्रकारिता है… लेकिन समाज का विश्वास लिखना मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता है – ब्रह्माकुमार शांतनु भाई

मीडिया निभा रहा है अपना सामाजिक सरोकार, मूल्यनिष्ठता ही पत्रकारिता का आधार – ब्रह्माकुमारी विमला दीदी

जबलपुर,मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शिव उपहार भवन, प्रेमनगर में राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मीडिया एवं पब्लिक रिलेशन्स विंग द्वारा जबलपुर नगर के मीडिया कर्मियों के लिए ‘मूल्यनिष्ठ मीडिया : समय की आवश्यकता’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सेमिनार में मीडिया की सामाजिक भूमिका तथा समाज पर उसके सकारात्मक प्रभाव को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) मानसिंह परमार ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज विश्व अनेक प्रकार के युद्धों, प्राकृतिक आपदाओं और आंतरिक संघर्षों से जूझ रहा है। कहीं युद्ध की विभीषिका है तो कहीं आंतरिक कलह से पूरा देश प्रभावित है। हमारे देश में भी लंबे समय से ऐसी आशंकाएँ व्यक्त की जाती रही हैं, लेकिन हमारे समन्वयकारी संस्कारों और एकता की भावना के कारण ये आशंकाएँ बार-बार निर्मूल सिद्ध हुई हैं।

उन्होंने कहा कि सतयुग और त्रेतायुग में भी मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता के उदाहरण मिलते हैं। देवर्षि नारद जी संचार एवं संवाद के प्रमुख संवाहक थे। महाभारत काल में संजय जैसे निष्पक्ष एवं दूरदर्शी संवाददाता थे, जिन्होंने बिना किसी बदलाव के घटनाओं का सटीक विवरण प्रस्तुत किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आजादी के बाद भी जनसामान्य को एकजुट रखने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि लोकमंगल की भावना से युक्त पत्रकारिता ही वर्तमान समय की वास्तविक आवश्यकता है।

माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमारीज मीडिया विंग के नेशनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार शांतनु भाई ने कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि आज सूचना एवं प्रसारण की गति बहुत तेज हो गई है, लेकिन विचारणीय प्रश्न यह है कि क्या मीडिया कर्मी सत्य, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी को भी उतना ही महत्व दे पा रहे हैं? उन्होंने कहा कि समाचार लिखना पत्रकारिता है, लेकिन समाज का विश्वास लिखना मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता है। पत्रकारिता केवल घटनाओं और सूचनाओं को लोगों तक पहुँचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सोच, चेतना और विश्वास को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था मीडिया को केवल कार्यक्रमों की खबरें प्रकाशित करने अथवा संस्था का प्रचार करने का माध्यम नहीं मानती, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली एक सशक्त शक्ति के रूप में देखती है। इस सेमिनार का उद्देश्य मीडिया जगत के अनुभवी प्रतिनिधियों, युवा विद्यार्थियों तथा आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव साझा करना और सामाजिक चुनौतियों पर खुलकर संवाद करना है।

दैनिक भास्कर के संपादक प्रेमशंकर तिवारी जी ने कहा कि पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है। अंधेरों में दीप जलाना, वंचितों को न्याय दिलाना और समाज को सही दिशा दिखाना ही किसी खबर का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए। ऐसे आयोजन मीडिया कर्मियों के साथ-साथ समाज को भी अपने सामने उपस्थित चुनौतियों को एक नई दृष्टि से देखने का अवसर प्रदान करते हैं।

नईदुनिया समाचार पत्र के संपादक उज्ज्वल शुक्ला जी ने कहा कि मूल्यनिष्ठता केवल मीडिया ही नहीं, बल्कि समाज के सभी क्षेत्रों के लिए आवश्यक है। वर्तमान परिदृश्य में पाठकों को सकारात्मक विचारों के लिए प्रेरित करना भी मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

पत्रिका समाचार पत्र के संपादक शुभम बघेल जी ने कहा कि सेवाभाव और सामाजिक सरोकार पत्रकारिता के दो मूल मंत्र हैं। इन मूल्यों को आधार बनाकर कार्य करने से मीडिया की विश्वसनीयता बढ़ती है। एक समाचार पत्र में प्रकाशित छोटी-सी खबर भी विश्वभर में पहुँचकर किसी प्रतिभा को उचित पहचान और सम्मान दिला सकती है।

ब्रह्माकुमारी विमला दीदी, जोनल कोऑर्डिनेटर, मीडिया विंग, इंदोरे जोन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज में मीडिया की उपयोगिता निर्विवाद है। मीडिया देश की वाणी और मस्तिष्क है। इसलिए आवश्यक है कि इसकी अभिव्यक्ति शुद्ध और सत्य हो। मीडिया समाज की कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान परिवेश में सामाजिक मूल्यों में गिरावट आई है, जबकि हर व्यक्ति चाहता है कि विश्व में सद्भावना और शांति स्थापित हो। विश्व परिवर्तन की प्रक्रिया स्व-परिवर्तन से प्रारंभ होती है। आज के इस सम्मेलन में मीडिया कर्मियों की सहभागिता समाज के लिए एक सुखद संदेश है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों के आसपास नकारात्मक खबरों और घटनाओं का वातावरण रहता है, जिसका प्रभाव उनके मन पर भी पड़ता है। ऐसे में कुछ समय का सकारात्मक चिंतन उन्हें निष्पक्ष, निर्भय और निर्विवाद रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में सहायक हो सकता है।

प्रदेश टुडे के संपादक पवन पाण्डेय जी ने कहा कि राजयोग के अभ्यास से मीडिया कर्मियों के विचारों में स्थिरता आती है और उनका मनोबल बढ़ता है। आकाशवाणी जबलपुर के श्याम टहलानी, स्वतंत्र मत के संपादक राजेन्द्र मिश्रा जी, जबलपुर नगर के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ पत्रकारिता के विद्यार्थी, प्राध्यापक, विभिन्न सोशल मीडिया चैनलों के क्रिएटर्स तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी सहभागिता की।

कार्यक्रम में देवर्षि नारद जी के संवादों पर आधारित नृत्य एवं संगीत से सजी नाट्य प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। कुमारी अविका ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ब्रह्माकुमार विजय भाई जी ने किया तथा आभार प्रदर्शन ब्रह्माकुमार विकास भाई जी ने किया।

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