मुख पृष्ठकथा सरिताकिसान और पत्थर का टुकड़ा

किसान और पत्थर का टुकड़ा

एक किसान खेत में हल चला रहा था। बार-बार हल एक छोटे पत्थर से टकरा जाता। वह परेशान होकर बोला – ”ये छोटा-सा पत्थर मेरा पूरा काम खराब कर देता है!” इतना कहकर उसने पत्थर को हटाया तो देखा कि उसके नीचे मिट्टी में एक पुराना मटका दबा है जिसमें सिक्के भरे हुए थे। किसान आश्चर्य में पड़ गया कि जो चीज़ उसे तकलीफ दे रही थी, वही छुपे धन का रास्ता भी थी।

उसने घर जाकर अपने बच्चों से कहा, ”कभी-कभी परेशानियाँ हमारे जीवन में इसलिए आती हैं ताकि वे हमें किसी बड़े खज़ाने तक पहुँचा सकें- बस हमें धैर्य और नज़र की ज़रूरत होती है।”

सीख : हर बाधा में मौका छुपा होता है। यदि हम रूककर देखें और समझें, तो वही रूकावट जीवन का सबसे बड़ा वरदान बन सकती है।

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