वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई में कला और आत्मबोध का प्रेरणादायक संगम
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉ. नलिनी दीदी जी (दीदी माँ) द्वारा बनाए चित्रों की ‘आRambh’ कला प्रदर्शनी एवं राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज के ‘Echoes of the Soul’ पुस्तक का विमोचन समारोह सम्पन्न
मुंबई- घाटकोपर, महाराष्ट्र। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, मुंबई में कला, सृजनात्मकता, साहित्य और जागरूक जीवनशैली का प्रेरणादायक संगम देखने को मिला। इस अवसर पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉ. नलिनी दीदी जी (दीदी माँ) की उत्कृष्ट रेखाचित्र प्रदर्शनी ‘आRambh – It’s Never Too Late in Life’ का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज द्वारा लिखित पुस्तक ‘Echoes of the Soul – Reflections for a Conscious Life’ का विमोचन समारोह सम्पन्न हुआ।
‘आRambh – It’s Never Too Late in Life’ शीर्षक की इस प्रदर्शनी में दीदी माँ द्वारा बनाए गए सुंदर श्रीकृष्ण के चरित्र पर आधारित रेखाचित्र प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी का संदेश अत्यंत प्रेरणादायक है कि सीखने, सृजन करने और जीवन में नई शुरुआत करने के लिए कभी भी देर नहीं होती। 80 वर्ष की आयु में बनाये गये चित्र उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति, दृढ़ संकल्प और निरंतर सीखने की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं। यह प्रदर्शनी उनकी सृजनात्मक चेतना, आंतरिक दृष्टि और प्रेरणादायी विरासत को समर्पित रही तथा आगंतुकों को अपनी रचनात्मक क्षमता पहचानने और उसे अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करती है।
प्रदर्शनी के पश्चात राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज द्वारा लिखित ‘Echoes of the Soul – Reflections for a Conscious Life’ पुस्तक का विमोचन समारोह सम्पन्न हुआ। यह पुस्तक आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच पाठकों को कुछ पल ठहरकर स्वयं के भीतर झाँकने तथा अधिक जागरूकता, स्पष्टता और उद्देश्यपूर्ण जीवन की दिशा में अग्रसर होने के लिए प्रेरित करती है।
इस अवसर पर राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज (आध्यात्मिक प्रेरक वक्ता, अंतरराष्ट्रीय स्तंभकार जिनके 4 भाषाओं में 9900 से अधिक लेख प्रकाशित हुए है एवं ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया एवं जनसंपर्क सेवा के राष्ट्रीय समन्वयक), डॉ. विजय कलंत्री जी (अध्यक्ष, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर एवं अध्यक्ष, ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज़), अलेक्ज़ांडर मात्सुको (बेलारूस गणराज्य के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूत), शिरानी अरियारथने (श्रीलंका लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य की मुंबई स्थित महावाणिज्य दूत), प्रिया पांसरे (निर्देशक, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर) तथा राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शकु दीदी जी (ब्रह्माकुमारीज घाटकोपर सबजोन की प्रभारी) सहित ब्रह्माकुमारीज के सदस्य – वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी विष्णुप्रिया और कुलाबा सेवाकेंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी गायत्री सहित अनेक गणमान्य अतिथि, कलाकार और शुभचिंतक उपस्थित थे।
डॉ. विजय कलंत्री जी ने कहा कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के लिए इन दोनों आयोजनों की मेजबानी करना गौरव और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि दोनों पहलें लोगों को अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने तथा अधिक उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं।
अलेक्ज़ांडर मात्सुको और शिरानी अरियारथने ने ‘आRambh’ के संदेश को सीमाओं और पीढ़ियों से परे लोगों तक पहुँचने तथा ‘Echoes of the Soul’ के माध्यम से अधिक जागरूक एवं संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा मिलने की शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शकु दीदी जी ने सभी को आRambh और ‘Echoes of the Soul’ से प्रेरणाएं लेकर अपने जीवन को समृद्ध करने की शुभकामनाएं दी |
अपने उद्बोधन में राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज ने अपने लेखन की प्रेरणा और आध्यात्मिक यात्रा के बारे में विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि ‘Echoes of the Soul’ वर्षों के आत्मचिंतन, जीवन के अनुभवों और जागरूक जीवन शैली को बढ़ावा देने की भावना का परिणाम है।
कला प्रदर्शनी और पुस्तक विमोचन समारोह के इस संयुक्त आयोजन ने रचनात्मक अभिव्यक्ति और जागरूक जीवन के बीच एक सार्थक सेतु का निर्माण किया तथा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के सांस्कृतिक वातावरण को और समृद्ध बनाया।
इससे पूर्व ‘Echoes of the Soul’ पुस्तक भ्राता नितिन गडकरी जी,भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को भेंट दी गई, उन्होंने पुस्तक के विषयों को आज के परिवेश में बहुत उपयुक्त बताते हुए कहा कि वे स्वयं भी अपनी व्यस्तता के बीच पुस्तक को अवश्य पढ़ेंगे |
‘Echoes of the Soul’ सुप्रसिद्ध लेखक,
पूर्व राजनयिक, प्रसारक और उद्यमी अमीश त्रिपाठी जी को भी भेंट दी गई | अमीश त्रिपाठी जी अनेक ‘बेस्टसेलर’ किताबों के लेखक है | ‘Echoes of the Soul’ के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में अच्छे दिन और कठिन दिन आते है और यह पुस्तक कठिन दिनों में भी हम कैसे हिम्मत रखकर आगे बढ़ सकते है – यह प्रेरणा देता है | इस अवसर पर अमीश त्रिपाठी जी की परिवार के अन्य सदस्य – उनकी बहन और लेखिका भावना रॉय जी और भाई अनीश
त्रिपाठी (MD – एपिजेनेरेस बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड) और आशीष त्रिपाठी (CEO – Tzar Labs) भी उपस्थित थे |




