गाडरवारा,मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, लक्ष्मी टाउनशिप, गाडरवारा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही उमंग, उत्साह एवं आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा भगवान श्री राधे-कृष्ण के विभिन्न मनमोहक स्वरूपों की सुंदर झांकियां सजाई गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने श्रीकृष्ण के जीवन एवं चरित्र पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया और उपस्थित सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज गाडरवारा की प्रभारी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि प्रेम, पवित्रता, सत्यता, समर्पण और दिव्य गुणों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रीकृष्ण गोप-गोपिकाओं के बीच रहते हुए भी सदा अनासक्त और पवित्र रहे, उसी प्रकार हमें भी संसार में रहते हुए अपने जीवन को पवित्र, निर्मल और ईश्वरीय गुणों से संपन्न बनाना है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम अपने जीवन में प्रेम, पवित्रता, त्याग और समर्पण जैसे दिव्य गुणों को धारण करें तथा आने वाले पावन, सुखमय एवं स्वर्णिम सतयुग की दुनिया का आह्वान करें।
कार्यक्रम में सभी ने मिलकर आनंद से परिपूर्ण सुंदर रास का आयोजन किया। इसके पश्चात आकर्षण का केंद्र रहे मटकी फोड़ कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ बड़ों ने भी बढ़-चढ़कर उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मटकी फोड़ने में श्रीमती वंदना कौरव ने सफलता प्राप्त की। इस अवसर पर उन्हें सम्मानस्वरूप श्रीकृष्ण की सुंदर तस्वीर भेंट की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को प्रेम एवं प्रसाद स्वरूप माखन-मिश्री एवं फलों का वितरण किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम उमंग, उल्लास, प्रेम और आध्यात्मिक आनंद से सराबोर रहा तथा सभी ने श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण करने का संकल्प लिया।






