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आबू राज(माउंट आबू): आध्यत्मिक स्मृतियों के साथ दीपक जगाकर धूम-धाम से मनाई दीपावली

मधुरवाणी ग्रुप ने दिपावली पर मधुर गीत की प्रस्तुति दी।
म्यूजियम की बहनों ने स्वागत नृत्य किया।
ग्लोबल अस्पताल की बहनों ने दिपावली पर रंगीन दिवाली गीत पर खुशी से थिरकाएंपैर।
इस पावन अवसर पर दीप प्रज्वलन के साथ केक कटिंग किया गया।

आबू राज राजस्थान : यूनिवर्सल पीस हॉल में आध्यत्मिक स्मृतियों के साथ दीपक जगाकर धूम धाम से दीपावली मनाई गई। इस अवसर पर पांडव भवन परिसर में रंग बिरंगी लाइटिंग लगाई गई और बड़े उमंग उत्साह से भाई बहनों ने मनाई दीपावली।

संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी के मोहिनी दीदी जी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि दीपावली का शुभ दिवस ईश्वरीय यज्ञ की स्थापना, दादियों का समर्पण याद दिलाता है। जिन्होंने त्याग ,तपस्या सेवा से यज्ञ को आगे बढ़ाया। हमारी जिम्मेदारी है ब्रह्मा बाप समान संपन्न बने, समर्पणता से सम्पूर्ण बन सकते है । जीवन को ईश्वरीय कार्य में सफल कर सफलतामूर्त बनो। ईश्वरीय यज्ञ से,मुरली से प्रेम होना चाहिए और आज्ञाकारी बनना चाहिए । सभी दृढ़ संकल्प का दीप जलाये कि हम यज्ञ रक्षक है ,पालना करने वाले जिम्मेवार है । जैसे ब्रह्मा बाबा हर परिस्थित में हर्षित,मधुर नम्र रहे ऐसा सभी को बाबा समान बनना है। पांडव भवन की हर साल की दिवाली विशेष होती है जो स्थापना की याद दिलाती है।

संस्था के महासचिव राजयोगी बी के करुणा जी ने कहा – ज्योत से ज्योत जगाते चलो गीत सुनने से दीपावली याद आता है। बाबा प्यार से विदाई देते थे तो, नेत्र गिले हो जाते थे। इस दिवाली पर पवित्र संस्कार बनाकर भारत को विश्व गुरु बनाने की सेवा करनी है।
अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी के जयंती दीदी जी ने कहा कि बाबा ने मुझे दिवाली पर आगरा सेवा पर भेजा था। उन्होंने कहा इस दिपावली पर बाबा सामान दुःख हर्ता सुख कर्ता बनना है।

राजयोगिनी बी के शशि दीदी ने अपनी शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि इस पावन पर्व पर यज्ञ का इतिहास फिल्म की तरह आंखों के सामने आता है। दीपावली पर ही यज्ञ की स्थापना हुई थी। सतयुग से संगम तक दिवाली का महत्व है। लेकिन संगमयुग पर दादी ,दादाओं के साथ मिलकर आपसी स्नेह से दिवाली मनाते है। आपस में खुशी से दिवंगत दादियों ,दादाओं की छत्रछाया में हम दीवाली मना रहे है। दीपराज पिता की छत्र हमारे पास है।
राजयोगी बी के मृत्युंजय भाईजी ने कहा दीपावली कहा मधुबन में मानना बहुत बड़ा भाग्य है ,महान तीर्थ आबू है। मधुबन में अनेक बार दीपावली और कांफ्रेंस किया। यहां पर खेलकूद का एवं ब्रह्मभोजन का भाग्य मिला।
राजयोगिनी बी के सुदेश दीदी जी ने कहा आज विशेष चैतन्य दीप दीपक लाइट बैठे है सभी तरफ स्थूल दीपक के साथ साथ चैतन्य दीपक की लाइट फ़ैल रही है। सभी को खुशियों भरी शुभकामनाएं।

राजयोगी बी के प्रताप मिढ़ा जी ने कहा इस अवसर पर यज्ञ का इतिहास याद आता है। दीपावली का दिवस विशेष खुशियों की स्मृतियों से भरा है, यह पल अमूल्य है।

राजयोगी बी के अवतार भाईजी ने सभी मंचासीन महानुभावों और सभा में आये अतिथियों का शब्दों द्वारा स्वागत किया और कहा यहां मधुबन के चार धाम का विशेष महत्व है। टोली विभाग के बी के जीतू भाईजी ने सभी मंचासीन वरिष्ठ भाई बहनों को दीपावली के निमित्त मिठाई के बॉक्स दिए।

राजयोगिनी बी के शीलू दीदी ने सकुशल मंच संचालन किया। अंत में सभी को केक और मिठाई दी गई।

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