मोहाली,पंजाब: कर्मयोग द्वारा सशक्त प्रशासन’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन ,मोहाली में किया गया। इस पहल का उद्देश्य प्रशासकों, अधिकारियों, कार्यकारियों एवं प्रबंधकों के बीच मूल्य-आधारित प्रशासन, तनावमुक्त कार्यशैली, प्रभावी नेतृत्व, मधुर संबंध, स्पष्ट संवाद तथा सेवा भावना को बढ़ावा देना है।
श्री के.ए.पी. सिन्हा, आईएएस, मुख्य सचिव, पंजाब, ने कहा कि प्रशासन मूल रूप से सेवा का माध्यम है और कर्मयोगी बनने के लिए सेवा भावना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों को समर्पण एवं जनकल्याण की भावना के साथ निभाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
श्री शुभचिंतन, मुख्य आयुक्त, आईआरएस , ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर आंतरिक शक्तियाँ एवं क्षमताएँ विद्यमान हैं, जिन्हें कर्मयोग के माध्यम से विकसित कर व्यावहारिक जीवन में अभिव्यक्त किया जा सकता है। उन्होंने जीवन में इन आंतरिक शक्तियों को पहचानने और उपयोग में लाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
श्री रविंदर सिंह, IAS, अतिरिक्त सचिव, श्रम विभाग, पंजाब सरकार, ने व्यावसायिक जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों एवं आत्म-विकास की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी पहल व्यक्तियों में संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने, पारस्परिक संबंधों को बेहतर बनाने तथा अपने दायित्वों का अधिक जागरूकता और सकारात्मकता के साथ निर्वहन करने में सहायक हो सकती है।
श्रीमती कोमल मित्तल, आईएएस, उपायुक्त, मोहाली, ने सकारात्मक वातावरण निर्मित करने तथा स्वस्थ एवं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सामाजिक कल्याण को सुदृढ़ करने में ऐसी मूल्य-आधारित पहलों के महत्व को स्वीकार किया।
कार्यक्रम का मुख्य संबोधन राजयोगिनी बी.के. पूनम दीदी,प्रशासनिक सेवा प्रभाग की उपाध्यक्ष एवं जयपुर राजा पार्क सब-जोन प्रभारी द्वारा दिया गया। उन्होंने कर्मयोग के माध्यम से प्रशासन में उत्कृष्टता एवं सशक्त नेतृत्व के विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने आंतरिक शक्ति, आत्म-जागरूकता एवं मूल्य-आधारित निर्णय लेने के महत्व पर विशेष बल दिया।
बी.के. उत्तरा दीदी, पंजाब ज़ोन प्रभारी, ने आत्मचिंतन एवं परमात्म-चिंतन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनके माध्यम से आंतरिक जागरूकता को सुदृढ़ किया जा सकता है तथा उद्देश्यपूर्ण कार्य करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने व्यक्तिगत विकास एवं जिम्मेदार आचरण में आध्यात्मिक चेतना की भूमिका पर जोर दिया।
अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यालय माउंट आबू से पधारे बी.के. हरीश भाई, राष्ट्रीय समन्वयक, प्रशासनिक सेवा प्रभाग, ने तनावमुक्त कार्यशैली, मधुर संबंधों एवं प्रभावी प्रशासन को बढ़ावा देने में कर्मयोग के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आध्यात्मिक जागरूकता एवं आंतरिक सशक्तिकरण को जीवन में अपनाने से प्रशासकों को अधिक स्थिरता, स्पष्टता एवं सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सहायता मिल सकती है।
कार्यक्रम का स्वागत संबोधन राजयोगिनी बी.के. प्रेम दीदी, मोहाली सर्किल प्रभारी एवं क्षेत्रीय समन्वयक पंजाब, द्वारा किया गया। उन्होंने व्यावसायिक एवं प्रशासनिक जीवन में आंतरिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और सेवा भावना को समाहित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सकारात्मक कार्य वातावरण के निर्माण तथा सेवा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में आंतरिक सशक्तिकरण की भूमिका पर भी जोर दिया।
शुभारंभ समारोह के दौरान विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्य dignitaries द्वारा अभियान के पोस्टर का औपचारिक विमोचन किया गया, जो इस पहल के आधिकारिक शुभारंभ का प्रतीक रहा। पोस्टर में सशक्त प्रशासन, आध्यात्मिक जागरूकता एवं मूल्य-आधारित नेतृत्व का संदेश प्रस्तुत किया गया है।
इस अवसर पर अभियान के कलश एवं ध्वज भी प्रतिनिधियों को सौंपे गए, जो पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान के आगे बढ़ने तथा कर्मयोग के संदेश के प्रसार का प्रतीक हैं।
यह अभियान 16 से 28 सितंबर 2026 तक राज्यव्यापी जनसंपर्क एवं जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। इसकी शुरुआत मोहाली से हुई और पंजाब के कई शहरों में सेवा देने के पश्चात अभियान की यात्रा जम्मू में संपन्न होगी।





