राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने किया ब्रह्माकुमारीज़ अलकापुरी सबजोन के नव निर्मित ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस रिट्रीट सेंटर का भव्य उद्घाटन।‘विश्व नवनिर्माण हेतु आध्यात्मिक जागरण’अभियान का किया शुभारंभ।
वडोदरा-अलकापुरी,गुजरात: ब्रह्माकुमारीज़ अलकापुरी सबजोन, वडोदरा के लिए 23 सितंबर 2026 का दिन एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय दिवस बन गया, जब भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने वडोदरा के ताजपुरा रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज़ अलकापुरी वडोदरा सबजॉन के नव निर्मित ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस रिट्रीट सेंटर का भव्य उद्घाटन किया। इसी अवसर पर राष्ट्रपति जी ने ब्रह्माकुमारीज़ के ‘Spiritual Awakening for World Renewal’ — ‘विश्व नवनिर्माण हेतु आध्यात्मिक जागरण’ अभियान का शुभारंभ भी किया। यह गौरवपूर्ण अवसर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉक्टर निरंजना दीदी तथा अलकापुरी सबजोन के सभी समर्पित भाई-बहनों एवं समस्त ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के लिए अत्यंत हर्ष, खुशी, गौरव और संतोष का क्षण रहा।इस गरिमामय अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी, गुजरात सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रोटोकॉल मंत्री श्री प्रफुल पंसेरिया, गुजरात जोन इंचार्ज राजयोगिनी बी.के. भारती दीदी, तथा माउंट आबू से पधारीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. उषा दीदी सहित ब्रह्माकुमारीज़ के अनेक वरिष्ठ भाई-बहन एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
गुजराती गरबा-रास से हुआ राष्ट्रपति जी का भव्य स्वागत राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस परिसर में आगमन पर कुमारियों एवं माताओं द्वारा सुंदर गुजराती गरबा-रास की मनमोहक प्रस्तुति देकर उनका आत्मीय एवं सांस्कृतिक स्वागत किया गया।राष्ट्रपति जी ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत करने वाली कुमारियों से आत्मीयता से मुलाकात कर उन्हें स्नेह एवं आशीर्वाद भी दिया। इसके पश्चात गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रोटोकॉल मंत्री श्री प्रफुल पंसेरिया, ब्रह्माकुमार नरेंद्र भाई, ब्रह्माकुमारी सुरेखा बहन, ब्रह्माकुमारी मीना बहन, ब्रह्माकुमारी लीना बहन तथा ब्रह्माकुमार नथमल भाई द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रपति जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
रुद्राक्ष के पौधे का किया वृक्षारोपण
ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस परिसर में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने अपने कर-कमलों से रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण किया। इसके माध्यम से प्रकृति संरक्षण, आध्यात्मिकता एवं विश्व कल्याण के शुभ संकल्प को अभिव्यक्ति मिली।


तक्ती अनावरण एवं रिबन खोलकर ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का विधिवत उद्घाटन
इसके बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉक्टर निरंजना दीदी, राजयोगिनी बी.के. उषा दीदी, राजयोगिनी बी.के. भारती दीदी एवं बी.के. मीना दीदी सहित उपस्थिति में ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस की उद्घाटन तक्ती का अनावरण किया और साथ ही रिबन खोलकर ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का विधिवत भव्य उद्घाटन किया। यह क्षण अलकापुरी सबजोन के वर्षों के शुभ संकल्प, सेवा, पुरुषार्थ एवं तपस्या के साकार होने का अत्यंत भावपूर्ण अवसर रहा।

उद्घाटन के पश्चात राष्ट्रपति जी बाबा के कमरे में पधारे तथा मेडिटेशन रूम में कुछ समय ध्यान किया। इसके बाद राष्ट्रपति जी ने ब्रह्माकुमारीज़ की सीनियर टीचर्स बहनों एवं सीनियर ब्रदर्स के साथ आत्मीय मुलाकात की तथा समूह फोटोग्राफी भी हुई।

विशाल सभा में राष्ट्रपति जी का भव्य स्वागत
इसके पश्चात राष्ट्रपति जी विशाल सभा स्थल पर पधारे जहाँ उपस्थित जनसमुदाय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं राष्ट्र गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने किया।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉक्टर निरंजना दीदी ने अपने स्वागत उद्बोधन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी, राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी, मंत्री श्री प्रफुल पंसेरिया, ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ बहनों, वरिष्ठ भाइयों तथा उपस्थित सभी अतिथियों का हृदय से स्वागत किया।उन्होंने ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस के निर्माण की पृष्ठभूमि तथा इसके आध्यात्मिक एवं सामाजिक उद्देश्य को सामने रखते हुए इसे राजयोग, आध्यात्मिक जागृति, मूल्य-आधारित जीवन, शांति एवं विश्व नवनिर्माण का केंद्र बताया।

आबू से पधारीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. उषा दीदी ने ब्रह्माकुमारीज़ के ‘Spiritual Awakening for World Renewal’ थीम पर एवं आध्यात्मिक जागरण अपने विचार व्यक्त किए।उन्होंने वर्तमान समय में आध्यात्मिक जागृति, आत्मिक शक्ति, राजयोग एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यक्तिगत परिवर्तन से ही सामाजिक परिवर्तन एवं विश्व परिवर्तन की दिशा प्रशस्त होती है।


राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का संबोधन
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी ने सभा को संबोधित किया।उन्होंने वर्तमान विश्व में चल रहे युद्ध, तनाव एवं अशांति की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए जीवन में आध्यात्मिकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य ने शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है, लेकिन जीवन में आध्यात्मिकता, मानवीय मूल्य, आत्मसंयम, विवेक एवं संवेदनशीलता का समावेश भी आवश्यक है।उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा और भौतिक उपलब्धियाँ ही जीवन की पूर्ण सफलता का आधार नहीं हैं; ज्ञान के साथ आध्यात्मिक चेतना, संस्कार, विवेक, शांति और मानवीय मूल्यों का होना आवश्यक है। वर्तमान परिस्थितियों में आध्यात्मिकता मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाकर शांति, सद्भाव एवं भाईचारे की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का प्रेरणादायी संबोधन
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने विशाल सभा को संबोधित किया।राष्ट्रपति जी ने कहा कि वर्तमान विश्व में तनाव, चिंता, हिंसा, असहिष्णुता और सामाजिक विभाजन जैसी चुनौतियाँ मौजूद हैं। ऐसी परिस्थितियों में ध्यान, आत्मचिंतन, करुणा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का विशेष महत्व है। राष्ट्रपति जी ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा पिछले 90 वर्षों से निस्वार्थ भाव से किए जा रहे आध्यात्मिक एवं मानवीय सेवाकार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था ने ध्यान और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से व्यक्तिगत परिवर्तन एवं विश्व नवीनीकरण का संदेश भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के अनेक देशों तक पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि आज केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि मानवीय विकास की भी आवश्यकता है। ऐसी शिक्षा आवश्यक है जो केवल बुद्धि का विकास न करे, बल्कि विवेक को भी जागृत करे। उन्होंने ऐसी शक्ति की आवश्यकता बताई जो दूसरों पर नियंत्रण करने के बजाय स्वयं पर नियंत्रण करना सिखाए, तथा ऐसी आध्यात्मिकता की आवश्यकता बताई जो मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती है। यदि व्यक्ति अपने विचारों एवं कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन लाए तथा उसके जीवन में आशा और आत्मसम्मान जागृत हो, तो वह स्वयं के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है। वह आशा जगाने के निमित्त यह ब्रह्माकुमारी संस्था बन रही हैं।राष्ट्रपति जी ने वडोदरा सेंट्रल जेल में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा लगभग 30 वर्षों से बंदियों तक आध्यात्मिक ज्ञान एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि पहुँचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कामना की कि यह ऐसा स्थान बने जहाँ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शांति, सद्भाव और आपसी जुड़ाव के साथ आ सकें। राष्ट्रपति जी ने भारत की महान आध्यात्मिक विरासत योग, ध्यान, अहिंसा, करुणा और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक विज्ञान, तकनीक और नई सोच के साथ इस आध्यात्मिक विरासत को जोड़कर भारत आर्थिक रूप से समृद्ध, वैज्ञानिक रूप से उन्नत, सामाजिक रूप से समावेशी और आध्यात्मिक रूप से जागृत राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों से युक्त बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया तथा ‘Awakening Inner Strength’ को व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया बताया।

दीप प्रज्वलन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन किया गया। राष्ट्रपति जी के सम्मान में सुंदर स्वागत गीत एवं मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा वातावरण आनंद, उत्साह एवं आध्यात्मिक उमंग से भर गया।


राष्ट्रपति जी का सम्मान एवं स्मृति-चिह्न भेंट
इस अवसर पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉक्टर निरंजना दीदी द्वारा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी को ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का सुंदर स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट किया गया तथा शॉल देकर उनका सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इसी क्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रोटोकॉल मंत्री श्री प्रफुल पंसेरिया को भी शॉल एवं स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रोग्राम की सभा में वडोदरा के मेयर श्री, कमिश्नर श्री, कलेक्टर श्री, SP sir, SDM mam, MLA, वडोदरा के बड़े बड़े सर्जन डॉक्टर्स , जजिस , इंजीनियर्स, बिल्डर्स, वडोदरा के बड़ी बड़ी university के president, vice president, vadodara के सभी कॉरपोरेटरस ,आबू से समर्पित भाई – बहने, गुजरात से समर्पित बहने एवं भाई बहन वीवीआईपीज़ पधारे।
गुजरातभर से पधारीं सबजोन इंचार्ज बहनों का सम्मान
राष्ट्रपति जी के प्रस्थान के पश्चात गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से पधारीं सभी सबजोन इंचार्ज बहनों का विशेष सम्मान एवं आत्मीय मिलन हुआ।इस अवसर पर ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस के भव्य उद्घाटन की खुशी में केक कटिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुजरातभर से पधारीं सबजोन इंचार्ज बहनों ने राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉक्टर निरंजना दीदी तथा अलकापुरी सबजोन के सभी समर्पित भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाइयाँ दीं।यह अवसर अलकापुरी सबजोन के सभी भाई-बहनों के लिए अत्यंत खुशी, उत्साह एवं भावनात्मक संतोष से भरा रहा और यादगार पल बन गया।
ब्रह्मभोजन के साथ हुआ मंगलमय समापनअंत में सभी उपस्थित भाई-बहनों एवं अतिथियों ने ब्रह्मभोजन स्वीकार किया और इस ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय दिवस का मंगलमय समापन हुआ।राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉक्टर निरंजना दीदी के शुभ संकल्प, अथक पुरुषार्थ एवं दीर्घ दृष्टि से साकार हुआ यह भव्य ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस आने वाले समय में राजयोग, आध्यात्मिक जागृति, शांति, सद्भाव, मूल्य-आधारित जीवन एवं विश्व नवनिर्माण का प्रेरणादायी केंद्र बने—यही सभी के शुभ संकल्प हैं।ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का यह ऐतिहासिक उद्घाटन ब्रह्माकुमारीज़ अलकापुरी सबजोन, वडोदरा के लिए सेवा, समर्पण, पुरुषार्थ और आध्यात्मिक संकल्प की एक अविस्मरणीय उपलब्धि बन गया।

निरंजना दीदी ने एक बार कहा था की – मैं दिल्ली राष्ट्रपति भवन तो नहीं जा सकती लेकिन उनको मिलना तो है , तो देखो बाबा ने ही राष्ट्र पति को बुला दिया बड़ौदा में – इस बात से दीदी की साथी बहनो को इतनी ख़ुशी हुई की हमारी दीदी को वापिस नया जन्म दिया बाबा ने इतना बड़ा कार्य – सेवा कराना था बाबा को,दीदी द्वारा रिट्रीट सेंटर और उसका उद्धाटन भारत की राष्ट्रपति जी से कराने का स्वभाग्य मिला ।
PHOTOS:
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