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जालंधर-आदर्श नगर: ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र में “जीवन का आधार—गीता का सार” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया

जालंधर,पंजाब। आदर्श नगर स्थित ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र में “जीवन का आधार—गीता का सार” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मधुबन से पधारीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उषा दीदी जी ने गीता के आध्यात्मिक संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उषा दीदी जी इस विषय पर किए अपने गहन अध्ययन के आधार पर देश-विदेश में जन-जन तक गीता के आध्यात्मिक संदेश को पहुंचाने की सेवा में अथक  रूप से प्रयासरत हैं.

कार्यक्रम का शुभारंभ राजयोगिनी पुष्पा दीदी जी (ब्रह्माकुमारीज़ नंगल सेवाकेन्द्र प्रभारी) ने संस्था के परिचय के साथ किया। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था की आध्यात्मिक एवं मानवीय सेवाओं से उपस्थित लोगों को अवगत करवाया। इसके बाद राजयोगिनी लक्ष्मी दीदी (ब्रह्माकुमारीज़ कपूरथला सेवा  केन्द्र प्रभारी) ने राजयोग मेडिटेशन का महत्व समझाया और उपस्थित श्रोताओं को राजयोग का अभ्यास भी करवाया। इस अभ्यास में सभी ने मानसिक स्थिरता एवं शांति का अनुभव किया.

इसके पश्चात कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी उषा दीदी जी ने गीता के सार को सरल एवं व्यावहारिक रूप में समझाते हुए अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि गीता केवल पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक शिक्षा है। उन्होंने कहा कि मनुष्य की वास्तविक पहचान शरीर नहीं, बल्कि शांत, पवित्र और शक्तिशाली आत्मा है। आत्म-स्मृति में स्थित होकर व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों को श्रेष्ठ बना सकता है।

उन्होंने कहा कि परिस्थितियां हमारे हाथ में नहीं होतीं, लेकिन परिस्थितियों के प्रति हमारी प्रतिक्रिया हमारे हाथ में होती है। राजयोग के अभ्यास से मन को शांत और बुद्धि को स्थिर बनाया जा सकता है। कर्म करते हुए परमात्मा की स्मृति में रहना ही गीता के कर्मयोग का सार है।

उषा दीदी जी ने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में गीता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आत्म-स्मृति, परमात्म-स्मृति और श्रेष्ठ कर्म को जीवन का आधार बना लिया जाए, तो व्यक्ति परिस्थितियों के बीच भी शांति, शक्ति और सकारात्मकता बनाए रख सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने उनके विचारों को एकाग्रता से सुना और गीता के संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की। समापन अवसर पर जालंधर सेवा केंद्र की मुख्य प्रभारी ब्रह्माकुमारी संधीरा दीदी जी ने उषा दीदी जी सहित सभी अतिथियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।

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